Description
Introductory Micro Economics MIC-1 SBPD by Rajeev Bansal – एक संपूर्ण परिचय
Introductory Micro Economics MIC-1 SBPD by Rajeev Bansal वाणिज्य और अर्थशास्त्र के छात्रों के लिए एक बेहतरीन और आसान भाषा में लिखी गई पुस्तक है। यह किताब विशेष रूप से बी.कॉम, बी.ए. (Economics) और अन्य अर्थशास्त्र से संबंधित पाठ्यक्रमों के लिए तैयार की गई है। लेखक राजीव बंसल ने इसमें सूक्ष्म अर्थशास्त्र (Micro Economics) के सभी मूलभूत सिद्धांतों को स्पष्ट, सरल और उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया है, जिससे विद्यार्थी विषय को गहराई से और आसानी से समझ सकते हैं।
Introductory Micro Economics MIC-1 SBPD by Rajeev Bansal में शामिल मुख्य विषय
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अर्थशास्त्र की परिभाषाएँ, क्षेत्र, विषय-वस्तु और प्रकृति
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अर्थशास्त्र के अध्ययन की विधियाँ
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अभाव और चयन की समस्याएँ तथा अर्थव्यवस्था की केंद्रीय समस्या
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मांग (Demand) का विश्लेषण
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आपूर्ति (Supply) का विश्लेषण
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व्यक्तिगत और बाजार की मांग एवं आपूर्ति
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मांग की लोच (Elasticity of Demand)
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आपूर्ति की लोच (Elasticity of Supply)
- उपभोक्ता अधिशेष (Consumer’s Surplus)
- कार्डिनल उपयोगिता विश्लेषण (Cardinal Utility Analysis)
- ऑर्डिनल उपयोगिता विश्लेषण (Ordinal Utility Analysis)
- स्थिर (Static) और गतिशील (Dynamic)
क्यों चुनें Introductory Micro Economics MIC-1 SBPD by Rajeev Bansal
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विषय को आसान और रोचक ढंग से प्रस्तुत करता है।
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थ्योरी और प्रैक्टिकल का संतुलित मिश्रण।
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स्व-अध्ययन के लिए उपयुक्त, कोचिंग के बिना भी समझने में आसान।
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परीक्षा केंद्रित दृष्टिकोण, जिससे अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद।
निष्कर्ष
यदि आप सूक्ष्म अर्थशास्त्र की गहरी समझ प्राप्त करना चाहते हैं और परीक्षा में उत्कृष्ट अंक लाना चाहते हैं, तो Introductory Micro Economics MIC-1 SBPD by Rajeev Bansal आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। यह न केवल आपके कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट करेगा, बल्कि आपको व्यावहारिक दृष्टिकोण भी प्रदान करेगा, जो भविष्य में आपके करियर के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
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